मेरी धडकन तुम्हें बुलाती हैं .....
कोई पाता नही तेरा , न कोई खबर है , क्यों इतना आज मुझसे तू बेख़बर है , तेरे यादों में दिन -रात ये दिल रोती हैं , अब आ भी जाओ ,मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती हैं ।। अब मेरी हाल ऐसा है , न जीती हूँ न साँसे रूकती है कमी तेरी मुझे इस तरह तड़पाती हैं मेरा दिल हर- पल तुम्हे पुकारती हैं , अब आ भी जाओ मेरी धड़कन तुम्हे बुलाती हैं ।। हरपल उदास रहती हूं, न किसी से बात करती हूँ तुम्हारे बिना इस जीवन मे ,कही खोई सी रहती हूँ इस दुनियां के भीड़ में बस तेरी तलाश रहती हैं , अब आ भी जाओ मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती हैं ।। न अब जीने के चाहत हैं ,न अब कोई सपना बाकी हैं , इस दुनिया मे तेरे अलावा न कोई मेरा सच्चा साथी हैं , नही जी पाऊँगी तेरे बिना मेरी जान निकलती जाती हैं , अब आ भी जाओ मेरी धड़कन तुम्हे बुलाती हैं।। तुम थे तो लगती थी ,सबकुछ है पास मेरे, आज हर सुबह और शाम इंतजार में रहती हूं तेरे , फिर से कर दो न मेरे जीवन को परिपूर्ण , लौटा दो न सारी खुशियाँ जो दिया करते थे । अब आ भी जाओ न मेरी धड़कन तुम्हे बुलाती है ।